मकर संक्रांति 2021: खरमास खत्म होगा फिर भी इस संवत्सर नहीं शुभ विवाह मुहूर्त

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पौष शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 14 जनवरी 2021 दिन गुरुवार को दिन में 2:03 बजे सूर्य देव का परिवर्तन अपने पुत्र शनिदेव की राशि मकर होगा। इसी के साथ भामाओं का समापन हो जाएगा। उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि खरमास का समापन होने के बाद भी गुरु और शुक्र के क्रमशः अस्त होने के कारण नहीं शामगी इस संवत्सर में शहनाई।

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एक संवत्सर में अर्थात एक वर्ष में बारह राशियों पर भ्रमण करते हुए सूर्य बारह संक्रांति करते हैं। सूर्य देव जब एक राशि से दूसरी राशि मे प्रवेश करते है तो यह स्थिति संक्रांति अर्थात गोचर कहलाती है। अपनी बारह संक्रांतियों के दौरान जहाँ सूर्य वर्ष में एक बार एक महीने के लिए अपनी उच्च स्थिति में रहकर अपने सम्पूर्ण फल में उच्चता प्रदान करते हैं, और एक बार अपनी राशि सिंह में स्वगृही रहकर भी अपने सभी कारक तत्वों, आत्मिपूर्ण अर्थात प्रभावों में पूर्णता प्रदान करते हैं। करें तो, एक ही महीने के लिए अपनी नीच स्थिति को प्राप्त करते हुए निम्न फल भी प्रदान करते हैं। शुक्र ग्रह की राशि वाले में सूर्य की स्थिति सबसे कमजोर होती है। अपने समान प्राकृतिक क्रम के क्रम में जब सूर्य का गोचरीय पदार्थ देव गुरु बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में होता है तब वह मास, खरमास या धनुर्मास कहलाता है। खरमास में विवाह आदि महत्वपूर्ण शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं लेकिन भगवत आराधना के दृष्टिकोण से यह मास अति उत्तम मास होता है। इस प्रकार इस अवधि में जहाँ भी शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित रहता है वही आत्मचिन्तन और ईश आराधना के लिए श्रेष्ठ समय है। क्योंकि ये दोनों राशियों के और इस महिने के अधिपति देव गुरु बृहस्पति के होने से भगवद् भक्ति और शुभफल की प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम महिने के रूप में मान्य है।

इस वर्ष 15 दिसंबर दिन मंगलवार को सूर्य देव वृश्चिक राशि का परित्यग कर रात्रि पश्चात भोर में 6 बजकर 15 मिनट पर धनु राशि पर आरूढ़ हो गए अर्थात 16 दिसंबर दिन बुधवार की सूर्योदय के साथ ही खरमास आरम्भ हो गया था, जो 14 जनवरी 2021 दिन था गुरुवार को दिन में 2 बजकर 3 मिनट तक छंद रहेगा। इस प्रकार लगभग एक महिने तक ये समान राशि पर गोचरीय अध्ययन करते रहे। पुनः 14 जनवरी दिन गुरुवार को दिन में 2 बजकर 3 मिनट पर धनु राशि को छोड़कर शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करेगे। इसी के साथ एक महिने तक धनुर्मास अर्थात खरमास रहकर 14 जनवरी 2021 को मकर राशि मे प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। मकर राशि मे प्रवेश करने के साथ ही सूर्य देव उत्तरायण की गति प्रारम्भ करते है जो विवाह आदि शुभ कार्यो के लिए शुभ मुहूर्त प्राप्त करता है।

यद्यपि की खरमास की समाप्ति के बाद विवाह आदि के लिए शुभ मुहूर्त मिलना शुरू होता है। लेकिन इस बार स्थित हैं कुछ अलग प्रकार की बन रही है। क्योंकि जहाँ भी 16 जनवरी को ही शुभफल प्रदायक ग्रह देव गुरु के पश्चिम दिशा में अस्त होने और 12 फरवरी को उदित होंगे वही, भाग्य, सुख सम्पन्नता के कारक ग्रह शुक्र 17 फरवरी 2021 को पूर्व दिशा में अस्त हो जावेगें जो 19 अप्रैल 2021 को पश्चिम दिशा होंगे उदित होगा। इस अवधि के बीच मे सूर्य देव का गोचरीय क्षेत्र 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन राशि मे होने के कारण खरमास लगा रहेगा। इस प्रकार ग्रहीय मण्डल में सूर्य, देवगुरु बृहस्पति और दैत्य गुरु शुक्र की स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण विवाह आदि के लिए शुभ समय का अभाव 16 दिसंबर 2020 से 22 अप्रैल 2020 तक रहेगा।





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