सफाई कर्मी नरेश कुमारी बनीं पार्षद, बोलीं- झाड़ू नहीं छोड़ूगी, इसी से पाले बच्चे

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सरोज पाठक, अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Wed, 13 Jan 2021 11:30 AM IST

पार्षद नरेश कुमारी
– फोटो: अमर उजाला

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वर्ष 1998 से जिला अस्पताल में बतौर सफाई कर्मचारी काम कर रहे नरेश कुमारी अब हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर नप से भाजपा समर्थित पार्षद हैं। पार्षद बनने के बाद उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति यह न समझे कि मैं सफाई कर्मचारी हूं तो विकास के मायने नहीं जानती। विकास के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में वार्ड नंबर 1 रोल मॉडल बनेगा। झाडू की पोछा लगाकर बच्चों को पाला है, पार्षद बनने के बाद नौकरी नहीं छोडूंगी। वार्ड के 70 से 80 परिवारों के बच्चों के बोनाफाइड बनवाना, कच्चे मीटरों को पक्का करवाना और हर घर तक पानी पहुंचाने की रुचि है।

बिलासपुर नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने सफाई कर्मचारी नरेश कुमारी को बतौर उम्मीदवार मैदान में उतारा था। नरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार अलका कुमारी और कांग्रेस की बागी पूर्व नप अध्यक्ष सोमा देवी को बड़े अंतर से उपकरण दिए। नरेश को 187 वोट मिले, जबकि अलका को 110 और सोमा देवी को 70 वोट मिले। नरेश कुमारी ने कहा कि दसवीं पास हैं, लेकिन नई तकनीक सीखने के लिए परिवार में बेटियों के साथ हैं। उनका पहला काम वार्ड के सभी बेरोजगार युवाओं के बोनाफाइड सर्टिफिकेट बनवाऊंगी।

छोडूंगी नौकरी नहीं
नरेश कुमारी ने कहा कि समाजसेवा उन्हें पसंद है। फिर चाहे लायकौर सफाई कर्मचारी अस्पताल में नौकरी करना हो या पार्षद बनकर जनता की सेवा करना। वह दोनों ही समाजसेवा के आधार पर जारी रखता है।
इनका
बेटी ने प्रदेश में ग्रेजुएशन में किया है
नरेश की बड़ी बेटी ने स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग की है। छोटी बेटी गीतांजलि ने हाल ही में बी में प्रदेश भर में मेजर जबंदी में शीर्ष किया है। बेटा मानसिक रूप से कमजोर है, जबकि उनके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। जो पशुपालन विभाग में क्लास फोरक कर्मचारी थे। उनकी नौकरी छोटी बेटी को मिली है।

वर्ष 1998 से जिला अस्पताल में बतौर सफाई कर्मचारी काम कर रहे नरेश कुमारी अब हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर नप से भाजपा समर्थित पार्षद हैं। पार्षद बनने के बाद उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति यह न समझे कि मैं सफाई कर्मचारी हूं तो विकास के मायने नहीं जानती। विकास के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में वार्ड नंबर 1 रोल मॉडल बनेगा। झाडू की पोछा लगाकर बच्चों को पाला है, पार्षद बनने के बाद नौकरी नहीं छोडूंगी। वार्ड के 70 से 80 परिवारों के बच्चों के बोनाफाइड बनवाना, कच्चे मीटरों को पक्का करवाना और हर घर तक पानी पहुंचाने की रुचि है।

बिलासपुर नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने सफाई कर्मचारी नरेश कुमारी को बतौर उम्मीदवार मैदान में उतारा था। नरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार अलका कुमारी और कांग्रेस की बागी पूर्व नप अध्यक्ष सोमा देवी को बड़े अंतर से उपकरण दिए। नरेश को 187 वोट मिले, जबकि अलका को 110 और सोमा देवी को 70 वोट मिले। नरेश कुमारी ने कहा कि दसवीं पास हैं, लेकिन नई तकनीक सीखने के लिए परिवार में बेटियों के साथ हैं। उनका पहला काम वार्ड के सभी बेरोजगार युवाओं के बोनाफाइड सर्टिफिकेट बनवाऊंगी।

छोडूंगी नौकरी नहीं

नरेश कुमारी ने कहा कि समाजसेवा उन्हें पसंद है। फिर चाहे लायकौर सफाई कर्मचारी अस्पताल में नौकरी करना हो या पार्षद बनकर जनता की सेवा करना। वह दोनों ही समाजसेवा के आधार पर जारी रखता है।

इनका

बेटी ने प्रदेश में ग्रेजुएशन में किया है

नरेश की बड़ी बेटी ने स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग की है। छोटी बेटी गीतांजलि ने हाल ही में बी में प्रदेश भर में मेजर जबंदी में शीर्ष किया है। बेटा मानसिक रूप से कमजोर है, जबकि उनके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। जो पशुपालन विभाग में क्लास फोरक कर्मचारी थे। उनकी नौकरी छोटी बेटी को मिली है।





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