हैंड सेनिटाइज़र बच्चों की आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है; उन्हें जहर के जोखिम से सुरक्षित रखें | बच्चों की आँखों की रोशनी छीन सकती है

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नई दिल्ली: कोरोनावायरस (कोरोना वायरस) की रोकथाम के लिए उपचार के लोग अल्कोहल से बने सैनिटाइर (अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर) का प्रयोग कर रहे हैं। इस सैनिटाइजर से भले ही आप को विभाजित -19 (कोविद -19) को रोक सकते हैं लेकिन ये बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे मासूमों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है। इस बात का खुलासा हाल ही में हुआ एक शोध के जरिए हुआ है। फ्रांस में हुए ताजा शोध के मुताबिक, अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर के छिड़काव (स्प्रे) के बाद साल 2020 में 2019 की सीमा से बाहर जाने वाली लंदन की सेहत खराब होने की घटनाएं 7 गुना बढ़ गई हैं। इन सबसे अधिक बच्चों की आंखें खराब हुई हैं।

ये आंकड़े हैं

शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर गलती से सैनिटाइटर बैंकिंस की आंख में चली जाए तो यह उन धारणाओं को कर सकता है। फ्रेंच पाइविजन कंट्रोल सेंटर के डेटाबेस के अनुसार, एक अप्रैल 2020 से 24 अगस्‍त के बीच ब्रांडों सैनिटाइजर से जुड़ी घटनाओं की संख्‍या 232 रही जो पिछले साल 33 थी। शोध का दावा है कि अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर के छिड़काव के दौरान यदि एक बूंद भी किसी बच्चे की आंख में चली गई तो उसकी रोशनी जा सकती है। इसलिए इससे सावधान रहने की जरूरत है। बता दें कि कोविड -19 से आरक्षण के लिए भारत के ज्यादातर लोग अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बच्चों के लिए नुकसानदेह है। हालांकि, इससे कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए असरदार है।

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बच्चों को धुलाएं साबुन से हाथ

शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि ‘अल्कोहॉल बेस्ड ब्रांड सैनिटाइजर मार्च 2020 से लेकर अब तक बड़े पैमाने पर खासतौर पर चाइल्डनिक में काम किया जा रहा है।’ भारतीय शोधकर्ताओं का भी मानना ​​है कि सैनिटाइजर को बेसिन की पहुंच से दूर रखना चाहिए। ऐसे दो मामले आए हैं जब बैंकिंस की आंखों में सैनिटाइजर चले गए और उनमें अस्वपताल में भर्ती करना पड़ा। ‘ डॉक्टर्स ने कहा, सॅंइटॅइजर से छोटे बच्चों की आंखों की रोशनी जाने का खतरा हो सकता है। लिहाजा इसीलिए पेरेंट्स के लिए यह बेहतर होगा कि वे अपने बच्चों को साबुन से हाथ धुलने की आदत डालें न कि बार-बार सैनिटाइजर का प्रयोग करना सिखाएं।

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डेली मेल के अनुसार, फ्रेंच पीसीसी रिसर्च ग्रुप के वैज्ञानिकों ने JAMA एफथाल्मोलॉजी में प्रकाशित अपनी स्टडी में लिखा है, ” अल्कोहल बेस्ड ब्रांड सैनिटाइजर का बड़े स्तर पर इस्तेमाल मार्च 2020 से अनजाने होने वाली महामारी में संशोधन के साथ जुड़ा हुआ है। ” ‘डॉक्टर्स लिखते हैं कि छोटे बच्चों में ऑक्युलर इंगारी का खतरा ज्यादा रहता है और हफ्तों सैनिटाइजर की वजह से कई बार आंखों की रोशनी भी हो सकती है।





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